Sunday, April 19, 2015

खजुराहो की मूर्ति कनाडा से वापस लाए मोदी छतरपुर फिर उभरा विश्व मानचित्र पर....


विश्व पर्यटन स्थल खजुराहो से चार साल पहले चोरी हुई एक मूर्ति को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाड़ा से वापस लाए हैं। यह मूर्ति उन्हें वहां के चांसलर स्टीफन हारफर ने भेंट की है। इसके अलावा मोदी ने देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कनाड़ा और जर्मनी के दौरे पर अपने प्लेन में खजुराहो का आइकॉन लगाकर पर्यटकों को खजुराहो आने का न्योता भी दिया है।
चार साल से कनाड़ा में थी पैरेट लेडी ...
वर्ष 2011 में खजुराहो के संग्रहालय से पैरेंट लेडी की तीन फीट ऊंची पुरातत्व महत्व की मूर्ति चोरी हो गई थी। करीब 900 साल पुरानी इस मूर्ति को एक कनाडाई मूल के नागरिक से कनाड़ा में बरामद किया गया था। इस मूर्ति को पाने के लिए चार साल से ऑर्कियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और भारतीय विदेश विभाग अपने दूतावास के जरिए प्रयास कर रहा था। बुधवार को कनाड़ा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह मूर्ति कनाडा के चांसलर स्टीफन हरफर ने भेंट की। मूर्ति की खास विशेषता है कि इसके कंधे पर तोता बना है। चंदेल कालीन इस मूर्ति को संग्रहालय में पैरेंट लेडी का नाम दिया गया था। आदिवर्त संग्रहालय खजुराहो के क्यूरेटर राजेंद्र देहरी ने बताया कि यह खजुराहो शैली की है और वहीं से चोरी हुई थी।
विश्व पर्यटन स्थल खजुराहो से चार साल पहले चोरी हुई एक मूर्ति को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाड़ा से वापस लाए हैं। यह मूर्ति उन्हें वहां के चांसलर स्टीफन हारफर ने भेंट की है। इसके अलावा मोदी ने देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कनाड़ा और जर्मनी के दौरे पर अपने प्लेन में खजुराहो का आइकॉन लगाकर पर्यटकों को खजुराहो आने का न्योता भी दिया है।
चार साल से कनाड़ा में थी पैरेट लेडी
वर्ष 2011 में खजुराहो के संग्रहालय से पैरेंट लेडी की तीन फीट ऊंची पुरातत्व महत्व की मूर्ति चोरी हो गई थी। करीब 900 साल पुरानी इस मूर्ति को एक कनाडाई मूल के नागरिक से कनाड़ा में बरामद किया गया था। इस मूर्ति को पाने के लिए चार साल से ऑर्कियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और भारतीय विदेश विभाग अपने दूतावास के जरिए प्रयास कर रहा था। बुधवार को कनाड़ा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह मूर्ति कनाडा के चांसलर स्टीफन हरफर ने भेंट की। मूर्ति की खास विशेषता है कि इसके कंधे पर तोता बना है। चंदेल कालीन इस मूर्ति को संग्रहालय में पैरेंट लेडी का नाम दिया गया था। आदिवर्त संग्रहालय खजुराहो के क्यूरेटर राजेंद्र देहरी ने बताया कि यह खजुराहो शैली की है और वहीं से चोरी हुई थी। मूर्ति प्राचीन पुरातात्विक धरोहर होने के कारण बेशकीमती है।
कनाड़ा के चांसलर से मूर्ति लेते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
विदेशी पर्यटकों को भारत भ्रमण पर आमंत्रित करने के लिए नरेंद्र मोदी ने खजुराहो को भी प्रचार अभियान में शामिल किया है। फ्रांस, जर्मनी और कनाडा की यात्रा के दौरान उनके प्लेन में राष्ट्रीय ध्वज के नीचे खजुराहो लिखा गया है।

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