सुकन्या समृद्धि योजना
बेटी की पढ़ाई व शादी के लिए पैसे की टेंशन दूर करने को अब आप डाक विभाग के पास ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ का अकाउंट खुलवा सकते हैं। जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कैंपेन में इस स्कीम की शुरुआत की थी। इसके बाद अब पजाब में भी इसके खाते खुलने शुरू हो गए हैं। डाक विभाग के सभी पोस्ट ऑफिसेज के साथ अकाउंट खोलने के लिए सुविधा सेंटर में भी अलग काउंटर खुलेगा। यहां जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा कराने के बाद अकाउंट खुल सकेगा।
यह है योजना : इस अकाउंट में एक फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 1 हजार और अधिक से अधिक डेढ़ लाख रुपया या इसके बीच की कितनी भी रकम जमा कर सकते हैं। यह पैसा अकाउंट खुलने के 14 साल तक ही जमा करवाना पड़ेगा। मगर, खाता बेटी के 21 साल की होने पर ही मैच्योर होगा। बेटी के 18 साल के होने पर आधा पैसा निकलवा सकते हैं।
21 साल के बाद खाता बंद हो जाएगा और पैसा गार्जियन को मिल जाएगा। अगर बेटी की 18 से 21 साल के बीच मैरिज हो जाती है तो अकांउट उसी वक्त बंद हो जाएगा। अगर पेमेंट लेट हुई तो सिर्फ 50 रुपए की पैनल्टी लगेगी। गार्जियन अपनी दो बेटियों के लिए दो अकाउंट खोल सकते हैं। जुड़वां होने पर उसका प्रूफ देकर ही तीसरा खाता खोल सकेंगे। खाते को आप कहीं भी ट्रांसफर करा सकेंगे।
ऐसे समझें फायदे को: यदि 2015 में कोई व्यक्ति 1,000 रुपए महीने से अकाउंट खोलता है तो उसे 14 साल तक यानी 2028 तक हर साल 12 हजार रुपए डालने होंगे। मौजूदा हिसाब से उसे हर साल 9.1 फीसदी ब्याज मिलता रहेगा तो जब बच्ची 21 साल की होगी तो उसे 6,07,128 रुपए मिलेंगे। यहां आपको बता दें कि 14 सालों में इस व्यक्ति को अकाउंट में कुल 1.68 लाख रुपए ही जमा करने पड़े। इसके अलावा बाकी के 4,39,128 रुपए ब्याज के हैं।
बेटी की पढ़ाई व शादी के लिए पैसे की टेंशन दूर करने को अब आप डाक विभाग के पास ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ का अकाउंट खुलवा सकते हैं। जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कैंपेन में इस स्कीम की शुरुआत की थी। इसके बाद अब पजाब में भी इसके खाते खुलने शुरू हो गए हैं। डाक विभाग के सभी पोस्ट ऑफिसेज के साथ अकाउंट खोलने के लिए सुविधा सेंटर में भी अलग काउंटर खुलेगा। यहां जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा कराने के बाद अकाउंट खुल सकेगा।
यह है योजना : इस अकाउंट में एक फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 1 हजार और अधिक से अधिक डेढ़ लाख रुपया या इसके बीच की कितनी भी रकम जमा कर सकते हैं। यह पैसा अकाउंट खुलने के 14 साल तक ही जमा करवाना पड़ेगा। मगर, खाता बेटी के 21 साल की होने पर ही मैच्योर होगा। बेटी के 18 साल के होने पर आधा पैसा निकलवा सकते हैं।
21 साल के बाद खाता बंद हो जाएगा और पैसा गार्जियन को मिल जाएगा। अगर बेटी की 18 से 21 साल के बीच मैरिज हो जाती है तो अकांउट उसी वक्त बंद हो जाएगा। अगर पेमेंट लेट हुई तो सिर्फ 50 रुपए की पैनल्टी लगेगी। गार्जियन अपनी दो बेटियों के लिए दो अकाउंट खोल सकते हैं। जुड़वां होने पर उसका प्रूफ देकर ही तीसरा खाता खोल सकेंगे। खाते को आप कहीं भी ट्रांसफर करा सकेंगे।
ऐसे समझें फायदे को: यदि 2015 में कोई व्यक्ति 1,000 रुपए महीने से अकाउंट खोलता है तो उसे 14 साल तक यानी 2028 तक हर साल 12 हजार रुपए डालने होंगे। मौजूदा हिसाब से उसे हर साल 9.1 फीसदी ब्याज मिलता रहेगा तो जब बच्ची 21 साल की होगी तो उसे 6,07,128 रुपए मिलेंगे। यहां आपको बता दें कि 14 सालों में इस व्यक्ति को अकाउंट में कुल 1.68 लाख रुपए ही जमा करने पड़े। इसके अलावा बाकी के 4,39,128 रुपए ब्याज के हैं।
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