Monday, March 30, 2015

आइये आज धरती पर भगवान है..सिद्ध करके दिखाता हूँ!

आइये आज धरती पर भगवान है..सिद्ध करके दिखाता हूँ!
1:-. "अमरनाथजी " में शिवलिंग अपने आप बनता है|
2:-. "माँ ज्वालामुखी" में हमेशा ज्वाला निकलती है|
3:-. "मैहर माता मंदिर" में रात को आल्हा अब भी आते हैं|
4:-. सीमा पर स्थित तनोट माता मंदिर में 3000 बम में से एक
का ना फूटना|
5:-. इतने बड़े हादसे के बाद भी "केदारनाथ मंदिर" का बाल
ना बांका होना|
6:-. पूरी दुनियां मैं आज भी सिर्फ "रामसेतु के पत्थर" पानी में तैरते
हैं|
7:-. "रामेश्वरम धाम" में सागर का कभी उफान न मारना|
8:-. "पुरी के मंदिर" के ऊपर से किसी पक्षी या विमान का न
निकलना|
9:-. "पुरी मंदिर" की पताका हमेशा हवा के विपरीत दिशा में
उड़ना|
10:-. उज्जैन में "भैरोंनाथ" का मदिरा पीना|
11:-. गंगा और नर्मदा माँ (नदी) के पानी का कभी खराब न होना|
12:-. उनाई (तापी) में 40° गर्म पानी 365 दिन जमींन से
निकलना जहा भगवान राम ने योगी के कुष्ठ रोग ठीक करने के लिए गर्म पानी बाण मार कर जमींन से निकाला था |

13.. भीमगोडा (सिवाना, बाङमेर ) जहा पांडव श्री भीम ने वनवास के समय माता कुंती को प्यास लगी तब पहाड़ को गोडा (घुटना) मारकर
पानी निकाला था जहाँ आज भी 365 दिन अमृत समान पानी निकलता हैं । भले ही कितना भी अकाल हो, और भयंकर अकाल के दिनों में भी यह पानी बंद नही होता है।
14 चित्तोडगढ बाण माताजी मन्दिर मे आरती के वक्त त्रिशूल का अपने आप हिलना (कम्पन) करना भी एक जीता जागता चमत्कार है।

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