Thursday, March 12, 2015

हिन्दु शब्द.......

कौन कहता है कि हिन्दु शब्द वेद पुराणों में नहीं है और ये एक फारसी शब्द है पढ लो.....
ऋग्वेद में एक ऋषि का नाम “सैन्धव” था जो बाद में “हैन्दाव/हिन्दव” नाम से प्रचलित हुए… जो बाद में अपभ्रंश होकर “”हिन्दू”" बन गया..!
साथ ही…. ऋग्वेद के ही ब्रहस्पति अग्यम में हिन्दू शब्दइस प्रकार आया है…
हिमालयं समारभ्य यावत इन्दुसरोवरं ।
तं देवनिर्मितं देशं हिन्दुस्थानं प्रचक्षते ।।
( अर्थात….हिमाल य से इंदु सरोवर तक देव निर्मित देश को हिन्दुस्थान कहते हैं )
 सिर्फ वेद ही नहीं … बल्कि.. मेरु तंत्र ( शैव ग्रन्थ ) में हिन्दू शब्द का उल्लेख इस प्रकार किया गया है….
‘हीनं च दूष्यत्येव हिन्दुरित्युच्च ते प्रिये’
( अर्थात… जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे उसे हिन्दू कहते हैं)
 इतना ही नहीं…. लगभग यही मंत्र यही मन्त्र शब्द कल्पद्रुममें भी दोहराई गयी है…..
‘हीनं दूषयति इति हिन्दू ‘
( अर्थात… जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे उसे हिन्दू कहते हैं)
पारिजात हरण में “हिन्दू” को कुछ इस प्रकार कहा गया है |
हिनस्ति तपसा पापां दैहिकां दुष्टम ¡
हेतिभिः शत्रुवर्गं च स हिंदुरभिधियते ।।
माधव दिग्विजय में हिन्दू शब्द इस प्रकार उल्लेखित है ….
ओंकारमंत्रमूलाढ ्य पुनर्जन्म दृढाशयः ।
गोभक्तो भारतगुरू र्हिन्दुर्हिंसन दूषकः ॥
( अर्थात … वो जो ओमकार को ईश्वरीय ध्वनि माने… कर्मो पर विश्वास करे, गौ पालक रहे… तथा…. बुराइयों को दूर रखे…. वो हिन्दू है )
और तो और…. हमारे ऋग्वेद (८:२:४१) में ‘विवहिंदु’ नाम के
राजा का वर्णन है…. जिसने 46000 गाएँ दान में दी थी….. विवहिंदु बहुत पराक्रमी और दानीराजा था….. और, ऋग वेद मंडल 8 में भी उसका वर्णन है|
## सिर्फ इतना ही नहीं…. हमारे धार्मिक ग्रंथों के अलावा भी अनेक जगह पर हिन्दू शब्द उल्लेखित है….

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